बाइबल और शिक्षा
भारत में बाइबल लगभग 2 हजार साल से है यीशु मसीह के चेले संत थॉमस के द्वारा सन 52 ईसवी में भारत में परमेश्वर का वचन आया, भारत में बाइबल को जलाया गया, चर्चों को तोड़ा गया, ईसाइयों जिंदा जलाया गया ,उनकी हत्याएं हुई, भारत हजारों साल तक गुलाम रहा,फिर भी बाइबल का प्रचार होता रहा,विलियम कैरी (1761-1834)बाइबल को भारतीय 40 भाषाओं में अनुवाद के बाद यीशु मसीह का प्रचार तेजी से हुआ,बाइबल का कई भाषाओं में अनुवाद होने के कारण भारत में ईसाइयों ने अच्छे स्कूल खोले, अच्छे अस्पताल खोले,तकनीकी के क्षेत्र में बड़ी जागृति लाई, इसके बाद भारी संख्या में लोग यीशु के अनुयायी बनने लगे, आज के समय में 90% शिक्षा ईसाइयों ने संभाल रखी है भारत के अधिकतर प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ईसाई स्कूलों में पढ़े है,भारत के संविधान निर्माता डा अंबेडकर ने भी ईसाई विश्वविद्यालय में पढ़ाई की है, ये सब होने के बाद भी भारत में ईसाइयों की स्थिति अच्छी नहीं है,लगातार सताव बढ़ रहा है, अगर वो किसी थाने या कोर्ट में जाते हैं तो उनकी कोई सुनता नहीं, कुछ लोग ऐसे है जिनके पास अपने केस लड़ने के लिए पैसे तक नहीं है,कुछ ऐसे लोग हैं जो अपने बच्च...