लालच की सच्चाई
आज बहुत से लोग है जो आरोप लगाते है कि ईसाई धर्म के लोग पैसे का लालच और चावल की बोरी का लालच देकर धर्म परिवर्तन करते है सच्चाई ये है कि लोग अपनी मर्जी से मसीही बनते है, आज भी भारत के बड़े सेलेब्रिटी और नेता के बच्चे ईसाई स्कूलों में पढ़ते है क्या उनको कभी ईसाई बनने का दबाव डाला गया, नहीं! सच में लालच कौन देता है आइए जाने। एक दिन मैं एक शादी में गया वहां पहुंचने पर देखा तो दूल्हे को नहलाया जा रहा था उसके बाद कपड़े पहना कर उसको गांव के कुछ मंदिर के दर्शन करने को ले गए उसके बाद बारात की बिदाई हो गई, बारात लड़की के घर पहुंचते ही एक बूढ़ा आदमी हाड़ी लेकर पूरे बारात को घूमा फिर कही ले जाकर रखा दिया थोड़ी देर के बाद शादी की तैयारी हुई और लड़का मण्डप पर पहुंचा उस मण्डप पर पहले से एक भंते उपस्थित थे, लड़की आने के बाद भंते ने शादी बौद्ध रीति से कराया शादी संपन्न हो गई ये देखकर मैं अचंभित हो गया तो, तब मैने दूल्हे के किसी खास आदमी से पूछा भइया शादी तो बौद्ध धर्म से हुई और वहां बारात निकलते समय लड़के को मंदिर का दर्शन कराया गया था, ये क्या बात है! तब वो आदमी खुलकर बताया भईया इनकी शादी पहले हो चुकी है कुछ दिन पहले इन्होंने सामूहिक शादी में हिस्सा लिया था और शादी हिंदू धर्म के अनुसार हुई और उनको काफी पैसा और सामान भी मिला है ये सुनकर मैं परेशान हो गया कि एक आदमी दो धर्म से कैसे शादी कर सकता है उसने बताया भईया सब पैसे का चक्कर है तब मेरे समझ में आया कि कुछ लोग हिंदू रीति से सिर्फ पैसे के कारण शादी करते है अगर ऐसा नहीं है तो सामूहिक शादी में पैसा और सामान न दे फिर देखते है कौन हिंदू रीति रिवाज से शादी करता है, यही पैसे के लालच में कुछ दिन पहले हाथरस में दिसम्बर 2023 में एक भाई बहन ने आपस में शादी कर ली थी, सच्चाई यह है कि बहुत से लोग हिंदू रीति से शादी सिर्फ पैसे के कारण करते है अगर हिंदू धर्म के लोग लालच न दे तो बहुत से लोग हिंदू रीति से शादी नहीं करेंगे, पैसे का लालच हिंदू धर्म के लोग देते है लेकिन बदनाम ईसाई समाज को करते है क्योंकि जब सरकार खाने को राशन दे रही है और शादी विवाह में पैसे भी दे रही है और अगर कोई व्यक्ति हिंदू है तो उसको आरक्षण भी मिलेगा, फिर लोग हिंदू धर्म क्यों छोड़ रहे हैं, सच्चाई ये है लोग आज अपने मर्जी से मसीही बनते है न कि पैसे की लालच में।

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