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जुलाई, 2024 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

हम पिछड़े क्यों है !

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  आज हमारे भारत देश में आए दिन रोज दलित समाज के ऊपर अत्याचार बढ़ रहा है कभी सुनने को मिलता है की दलित घोड़ी पर चढ़ने पर, कभी लंबी मूछ रखने पर,कभी मंदिर में प्रवेश करने पर, कभी स्कूल में, ऐसा क्यों , क्या भारत में दलित समाज की जनसंख्या कम है नही! क्या दलित पढ़े लिखे नही है नही!क्या दलित के पास संगठन नही है नही!क्या दलित धार्मिक नही है नही! जबकि ये सब बाते दलितों के पास है । तब इनके साथ अत्याचार करने वाला कौन है, हम सब जानते हैं की पिछले हजारो साल से दलितों को पढ़ने का अधिकार नहीं था, धन रखने का अधिकार नहीं था, पूजा ,पाठ, यज्ञ ,हवन करने या करवाने का अधिकार नहीं था, हिंदू धर्म के अनुसार मनुष्यो का जन्म उनके कर्म के आधार पर हुआ जिसमें दलित को चौथा वर्ण अर्थात शुद्र कहा गया जिनको ईश्वर ने दुनिया में सभी वर्ण के लोगो को सेवा करने के लिए भेजा है, उस समय से दलितों के जीवन में कहीं प्रेम से, कही जबरजस्ती, कही छल कपट,कही ईश्वर का डर दिखाकर बताया गया की आपको ईश्वर ने सेवा के लिए इस दुनिया में भेजा है तब से दलितों के मन में यही आ गया और बहुत से लोगो ने मान भी लिया। और इस कारण से पिछले हजारों स...

गरीबों के साथ धोखा

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भारत देश में आज बहुत से ऐसे लोग हैं जो ईसाइयों का विरोध करते हैं पिछले 10 सालों में 2000 से ज्यादा मसीही प्रार्थना सभा पर हमला किया गया पादरियों को मारा गया पीटा गया बाइबल को फाड़ा गया और जलाया गया, बहुत से पादरियों को झूठा केस लगाकर उनको जेल में डाल दिया गया आखिर यह कौन करता है क्या गरीब लोग, नहीं! लेकिन गरीब उनका साथ जरूर देते हैं क्योंकि उनके पास इसका कोई ज्ञान नहीं है जितने भी घटनाएं आज हो रही हैं सारे पावरफुल वाले लोग करते हैं जिसका किसी बड़े नेता से संबंध हो और जो अमीर हो जिसके पास बहुत सारा पैसा है लेकिन क्या ये सच में अमीर लोग या बड़े नेता ईसाइयों से नफरत करते हैं भारत देश में बहुत से ऐसे क्रिश्चियन कॉलेज हैं जिनमें बड़े-बड़े हिंदू नेताओं के बच्चे पढ़ते हैं बड़े-बड़े हिंदू उद्योगपतियों के बच्चे पढ़ते हैं भारत देश के अधिकतर प्रधानमंत्री क्रिश्चियन स्कूल में पढ़े हैं भारत देश के कुछ ऐसे हिंदू बड़े नेता हैं जिनके बच्चे विदेशी ईसाई स्कूलों में पढ़ रहे हैं फिर यह विरोध क्यों करते हैं सच यह है कि गरीबों को धोखा देना चाहते हैं यह खुद विरोध नहीं करते लेकिन सत्ता पाने के लिए अपना नाम कम...