

परमेश्वर का धन्यवाद हो कि परमेश्वर का वचन आज बहुत तेजी से पूरी दुनिया में फैल रहा है। इस वचन को रोकने के लिए काफी लंबे समय से शैतान ने पूरी ताकत लगा दी है। सन 2019 में शैतान ने पूरी दुनिया को कोरोनावायरस के द्वारा पूरी दुनिया की कमर तोड़ दी, जिसमें लाखों लोग मारे गए। जिससे मानव जाति का बहुत बड़ा नुकसान हुआ, करोना वायरस ने अमेरिका जैसे मसीही देशों को भी नहीं रख छोड़ा जिसमें 70000 से ज्यादा लोग मारे गए, इस वायरस के कारण लोगों का मानना है कि जब अमेरिका में सबसे ज्यादा मसीही है तो अमेरिका में ही सबसे ज्यादा लोग क्यों मरे, क्या उनका परमेश्वर उनकी इस वायरस से नहीं बचा सकता। आइए जाने कि अमेरिका में सबसे ज्यादा लोग क्यों मरे, जब हम बाइबल पढ़ते हैं और यहुन्ना 3:16 को पढ़ते हैं तो यहां पर हमें मिलता है कि जब परमेश्वर ने अपने पुत्र को इस दुनिया में भेजा तो वह ना किसी विशेष देश, ना किसी विशेष जाति, ना किसी विशेष धर्म के लिए, बल्कि परमेश्वर ने पूरी दुनिया के लिए अपने पुत्र, अर्थात यीशु मसीह को भेजा। यहां हम देखते हैं कि परमेश्वर सब से प्यार करता है और उसमें कोई भेदभाव नहीं है। दूसरी बात जब हम बाइबिल में व्यवस्थाविवरण 28:15 को पढ़ते हैं तो कुछ चेतावनी परमेश्वर ने हमें दिया है जिसको हमें मानना है, यदि आपको जानना है तो आप व्यवस्थाविवरण 27: 11–26 तक पढ़ सकते हैं, जहां पर कुछ वचन बताए गए हैं जो हमको पालन करना है और जब हम पालन नहीं करेंगे तब क्या दंड परमेश्वर हमको देगा आइए देखें व्यवस्था विवरण 28: 21–22 पढ़ें, यह वह दंड है जो इन सब को मिलेगा जो पीछे बताए गए वचन का पालन नहीं करेगा, चाहे वह कोई भी क्यों ना हो चाहे वह पादरी हो, चाहे वह बिशप हो, चाहे वह पास्टर हो, चाहे वह समाचार सुनाने वाला हो। तीसरी बात हमें न्ययियो की पुस्तक अध्याय 13, 14,15,16 पढ़ते हैं तो हम शिमशोन के जीवन के बारे में पढ़ते हैं न्यायियो 13: 24– 25, 14: 5–6, 15:14–15, 16:3, 16:20–22 इस कहानी में हम देखते हैं कि एक व्यक्ति है जिसका नाम शिमशोन था परमेश्वर ने उसको कितनी बड़ी आशीष दी लेकिन वह आदमी परमेश्वर की आशीष को तुच्छ जाना और एक लड़की के कारण वह अपना सारा अधिकार और सामर्थ्य खो दिया जिसे परमेश्वर ने दिया था,और उसके कारण परमेश्वर शिमशोन के पास से चला गया और शिमशोन बंदीगृह में चक्की पीसने लगा। इसलिए हम कितने भी बड़े ज्ञानी हैं लेकिन हमें परमेश्वर की दी हुई आशीशों का गलत इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। चौथी बात परमेश्वर किसी का पक्षपात नहीं करता है, व्यवस्थाविवरण 10:17, प्रेरित के काम 10:34–35 यहां पर हम देखते हैं कि परमेश्वर किसी का पक्षपात नहीं करता है चाहे कोई भी हो। इसलिए यह हम ना सोचें कि हम बिशप हैं, पास्टर हैं, पादरी हैं सेवक है, भविष्यवक्ता है, सुसमाचार सुनाने वाले हो, चाहे कोई भी आदमी हो चाहे कितना अच्छा हो, यदि वह गलत करेगा तो परमेश्वर उसे दंड देगा। इसलिए हम सावधान रहें और कोशिश करें कि परमेश्वर के वचन पर चल सके से हम अंत के दिनों में कोई परेशानी न झेलनी पड़े, प्रभु मैं आपका भाई अरविंद कुमार।
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