धर्म परिवर्तन
हमारे देश में धर्म परिवर्तन एक बड़ा मुद्दा है, धर्म परिवर्तन करने वाले को बहुत गंदी निगाह से देखा जाता है, लेकिन क्या धर्म परिवर्तन करना सच में बड़ा पाप है। संविधान के अनुसार भारत का हर नागरिक किसी भी धर्म का चुनाव कर सकता है, तो ऐसा क्यों जब लोग, जब धर्म परिवर्तन करते हैं तो उन्हें मारा-पीटा जाता है कितनों की तो हत्या कर दी गई हैं घर जला दिए गए हैं। भारत हजारों साल से गुलाम रहा है उस गुलामी ने हमें शारीरिक ही नहीं बल्कि धार्मिक आस्थाओं पर भी काफी चोट पहुंचाई है उस गुलामी से आजादी के लिए ना सिर्फ पढ़ाई करना बल्कि धर्म परिवर्तन भी जरूरी है। सच्चाई यह है कि धर्म परिवर्तन एक स्वतंत्रता का प्रतीक है जहां पर हर व्यक्ति अपनी इच्छा के अनुसार अपने धर्म का चुनाव कर सकता है क्योंकि धर्म परिवर्तन से ना सिर्फ हम एक नए जीवन में प्रवेश करते हैं, बल्कि हजारों साल की गुलामी से भी छुटकारा पाते हैं इसी कारण डॉक्टर अंबेडकर ने पढ़ाई करके अच्छी डिग्री प्राप्त करने के बाद भी उनको लगा कि जीवन में एक बड़ा काम बाकी है वह है धर्म परिवर्तन, 14 अक्टूबर 1956 को उन्होंने अपना धर्म परिवर्तन किया और दूसरे लोगो...